Breaking

शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

रोहिंग्याओं को लेकर हमदर्दी रखने वालों के मुंह पर भी लग गया ताला क्योंकि बांग्लादेश में रोहिंग्याओं ने जबरदस्ती…


जब म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे तो वहां के बहुसंख्यक समुदाय और रोहिंग्या मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिक शत्रुता शुरू हो गई. मुस्लिमों के प्रति बौद्धों का रुख इतना सख्त हो गया कि उन्हें म्यांमार से पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा. इसके बाद सारी दुनिया रोहिंग्या मुस्लिमों के प्रति तरस भरी निगाहों से देखने लगी. UN ने भी कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम दुनिया के सबसे प्रताड़ित किये जाने वाले लोग हैं.

रोहिंग्या मुस्लिमों के प्रति कई देशों ने मानवीय दृष्टि से देखा लेकिन रोहिंग्या मुस्लिम जिस तरह से दूसरे देशों में घुसे वो गैरकानूनी था. ऐसे में भारत में आए रोहिंग्या मुस्लिमों के प्रति भारत सरकार के रुख को देखते हुए भारत के ही कुछ नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिये, ये जाने बिना कि सरकार ऐसा कर क्यों रही है. कुछ नेताओं पर तो ये आरोप भी लगे हैं कि वोट बैंक के चक्कर में वो इन रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में रखना चाहते हैं. कुछ नेता सांप्रदायिक समानता के कारण इनसे सहानुभूति रखते हैं. इन नेताओं ने सरकार के फैसले के बाद खूब हंगामा मचाया था.

सहानुभूति रखना अच्छा है लेकिन ये देखना भी जरुरी है कि जहाँ इन रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति बढ़ जाती है वहां ये क्या करते हैं. अभी बांग्लादेश से खबर आई है कि ये रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश के राहत कैंपों में रह रहीं रोहिंग्या हिंदू महिलाओं के सिंदूर मिटाकर उनकी चूड़ियाँ तोड़ रहे हैं. इसी महीने एक हिंदू महिला जिसे पूजा से रबिया बना दिया गया ने बताया कि बांग्लादेश राहत कैंपों में रोहिंग्या मुस्लिमों की ओर से हिंदू महिलाओं का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है. आपको बता दें कि रोहिंग्या मुस्लिमों पर हिंदू महिलाओं पर बलात्कार करने के आरोप भी लगते रहे हैं. अब ऐसे में अगर म्यांमार से बहिष्कृत इन रोहिग्याओं को कोई देश शरण देगा तो कैसे ? इन खबरों के बाद उन नेताओं का मुंह भी चुप है जो इन रोहिग्याओं के प्रति हमदर्दी रखते थे.

रोहिंग्याओं के प्रति हमदर्दी रखना सही है लेकिन उनको अपने देश में रहने की इजाज़त देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना भी जरुरी है.भारत के उन नेताओं को भी पूरी स्थिति के बारे में ढंग से सोचना चाहिए जो रोहिंग्याओं को भारत में रखने की बात करते हैं और भारत सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

Advertisement :

loading...