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बुधवार, 18 अक्तूबर 2017

बड़ी खबर: सरकार लगाएगी आबादी पर लगाम, अब मुस्लिम लड़कियों को निकाह से पहले..

मुस्लिम लड़कियों को 51000 शादी शगुन देगी मोदी सरकार

एक बड़ी खबर ने दस्तक दी है जिसके तहत मोदी सरकार अब वो करने जा रही है जिससे अनेक फ़ायदे होंगे। वे मुस्लिम लड़कियां जो शादी के पहले अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर चुकी होंगी, अब उन्हें मोदी सरकार कि तरफ से पूरे 51 हज़ार रूपये शादी शगुन के रूप में दिए जायेंगे। मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउण्डेशन द्वारा ये प्रस्ताव लाया गया जिसे अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने पास भी कर दिया है।

इस स्कीम का मूल उद्देश्य मुस्लिम लड़कियों में उच्च शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है। हमने अक्सर देखा है मुस्लिम कम्युनिटी में लड़कियों कि जल्दी शादी करवा दी जाती है। इस वजह से उनकी पढाई भी पूरी नहीं हो पाती। इसका असर आगे तक की पीढ़ी पर भी पड़ता है। ये लडकियां पढ़-लिख जाएँ और आगे पढ़ा भी पाएं, इंडिपेंडेंट और होशियार बने, तो ये ‘सबका साथ सबका विकास’ की ओर एक और कदम होगा।

मुस्लिम लड़कियों को 51000 शादी शगुन देगी मोदी सरकार

इसके साथ ही ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम माँ-बाप लड़कियों को पढाने के लिए प्रेरित होंगे। ये लडकियां ज्यादा पढ़-लिख लेंगी तो अपने हक के लिए लड़ना भी इनके लिए आसान होगा। ये स्कीम लागू हो गई तो इन लड़कियों की शादी की जल्दी कोई नहीं मचाएगा, तो कम्यूनिटी में पॉपुलेशन भी कंट्रोल्ड रहेगी। इसके साथ ही शगुन में मिले पैसे लड़की के माँ-बाप और लड़की की शादी के लिए आशीर्वाद से कम नहीं होंगे!

इस प्रस्ताव को 3 महीने पहले, यानी जुलाई में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को भेजा गया था। इस स्कीम के बाद अब जो छात्राएं मौलाना आज़ाद फाउण्डेशन द्वारा बेगम हज़रत महल स्कॉलरशिप ले रही हैं वो इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। जानकारी के लिए बता दें, अल्पसंख्यक लड़कियों को स्कॉलरशिप देने वाले स्कीम की शुरुआत वाजपेयी सरकार ने 2003 में की थी, लेकिन उस समय तक सिर्फ बारहवीं कक्षा तक के ही अल्पसंख्यक लड़कियों को ही राशि दी जाती थी।

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