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शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

कठुआ केस: बच्ची की पहचान बताने पर मीडिया को हाईकोर्ट ने फटकारा, पूछा- आप पर कार्रवाई क्यों न करें

Kathua Gangrape: Delhi High Court frowns at media houses disclosing identity of 8 year old Victim Girl

दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सामूहिक बलात्कार के बाद मार दी गयी आठ वर्षीय बच्ची की पहचान जाहिर करने के मामले में शुक्रवार (13 अप्रैल) को कई मीडिया हाउसों को नोटिस जारी किए। साथ ही कहा कि आगे से किसी खबर में बच्ची की पहचान जाहिर नहीं की जानी चाहिए। 


दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आयी खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए मीडिया हाउसों से जवाब मांगा है कि इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

इस साल 10 जनवरी को जम्मू के कठुआ जिले में हीरानगर तहसील के रसाना गांव में बक्करवाल समुदाय की बच्ची का अपहरण होने के बाद 17 जनवरी को झाड़ियों में उसका शव मिला था। कठुआ के रासना गांव में जनवरी में बाकरवाल समुदाय की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी सांजी राम समेत आठ लोगों का आरोपी बनाया गया है।

जांच में पता चला है कि बच्ची को अगवा कर एक मंदिर में रखा गया था। उसे नशीली दवा पिलाकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। गांव के बाहर बाकरवाल समुदाय में भय पैदा करने के मकसद से आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई। सांजी राम पर प्रमुख साक्ष्य मिटाने के लिए एक सब इंस्पेक्टर और सिपाही समेत स्थानीय पुलिस को रिश्वत देने का भी आरोप है।

महबूबा मुफ्ती बोलीं - नाबालिग से बलात्कार के लिए मौत की सजा का कानून बनाएंगे
इससे पहले जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बीते 12 अप्रैल को कहा कि उनकी सरकार बच्चियों से बलात्कार के मामलों में मौत की सजा का प्रावधान वाला कानून बनाएगी। कठुआ जिले में खानाबदोश बकरवाल समुदाय की आठ वर्षीय एक बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या की घटना की पृष्ठभूमि में उनका यह बयान आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले में कानून को बाधित नहीं होने देगी और बच्ची के साथ इंसाफ होगा।

महबूबा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘हम बच्चियों से बलात्कार के मामलों में मौत की सजा का प्रावधान वाला कानून बनाएंगे ताकि इस मासूम बच्ची का मामला इस तरह का आखिरी मामला रह जाए।’’ उन्होंने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘एक समूह के गैरजिम्मेदाराना कृत्यों और बयानों से कानून को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है , जांच तेजी से चल रही है और इंसाफ किया जाएगा।’’

(इनपुट एजेंसी से भी)

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