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मंगलवार, 9 अक्तूबर 2018

पाकिस्तान हुआ कंगाल, PM इमरान खान ने IMF के सामने फैलाया हाथ

पाकिस्तान हुआ कंगाल, PM इमरान खान ने IMF के सामने फैलाया हाथ

पाकिस्तान ने देश के अंदर बढ़ते भुगतान संतुलन संकट से निपटने की खातिर ‘बेलआउट पैकेज’ के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का रूख करने की सोमवार को घोषणा की। पाकिस्तान ने शुरूआती हिचकिचाहट और विलंब के बाद यह कदम उठाने की घोषणा की।

आईएमएफ से संपर्क करने का निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लिया है। हालांकि, खान ने देश की अर्थव्यवस्था को सहायता पहुंचाने के लिए इस तरह के कदमों का अतीत में विरोध किया था। वित्त मंत्री असद उमर ने बताया कि विचार विमर्श के प्रधानमंत्री द्वारा इस फैसले को मंजूरी दिए जाने के बाद आईएमएफ से बातचीत शुरू की जाएगी। 

मालूम हो कि इसी साल 31 मई को आई रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार खाली हो रहा है। एक आंकड़े के मुताबिक, पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 10.3 अरब डॉलर यानी 69,504 करोड़ रुपए का ही विदेशी मुद्रा भंडार है। पिछले साल मई में यह 16.4 अरब डॉलर यानी 1,10,667 करोड़ रुपए था।

सिर्फ 10 हफ्ते तक का भंडार
फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, पाकिस्तान के पास जितनी विदेशी मुद्रा है, वो ज्यादा से ज्यादा 10 हफ्तों तक के आयात के बराबर है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशों में नौकरी कर रहे पाकिस्तानी देश में जो पैसे भेजते थे उसमें भी गिरावट आई है। इसके साथ ही पाकिस्तान का आयात बढ़ा है। चीन-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर में लगी कंपनियों को भारी भुगतान के कारण भी विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो रहा है।

पाकिस्तान हुआ कंगाल, PM इमरान खान ने IMF के सामने फैलाया हाथ

वर्ल्ड बैंक ने जारी की थी चेतावनी
विश्व बैंक ने अक्टूबर 2017 में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि उसे कर्ज भुगतान और चूला खाता घाटे को पाटने के लिए इस साल 17 अरब डॉलर की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, पाकिस्तान ने इस पर तर्क दिया था कि विदेशों में बसे अमीर पाकिस्तानियों को अगर अच्छे लाभ का लालच दिया जाए तो वो अपने देश की मदद कर सकते हैं। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के एक अधिकारी ने कहा था कि अगर प्रवासी पाकिस्तानी ऑफर दिया जाएगा तो देश में पैसा जरूर आएगा।

पाकिस्तान हुआ कंगाल, PM इमरान खान ने IMF के सामने फैलाया हाथ

संकट में पाकिस्तान
अमेरिका में डोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद में अमेरिका ने भारी कटौती की है। रॉयटर्स के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ अमरीका के रिश्ते पूरी तरह से पटरी से उतर गए हैं। पाकिस्तान को प्रवासियों से एक अरब डॉलर की जरूरत है। चीन का पकिस्तान पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। जून में खत्म हो रहे इस वित्तीय वर्ष तक चीन से पांच अरब डॉलर का कर्ज लिया जा चुका है। 

अमेरिका और करेगा कटौती
पाकिस्तान और अमरीका के ख़राब हुए संबंधों के कारण चीन की अहमियत बढ़ गई है। मतलब पाकिस्तान की निर्भरता चीन पर लगातार बढ़ रही है। अमेरिका अगले साल तक पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद में और कटौती करेगा। आईएमएफ के मुताबिक, पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2009 से 2018 के बीच पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज 50 फीसदी बढ़ा है। 2013 में पाकिस्तान को आईएमएफ ने 6.7 अरब डॉलर का पैकेज दिया था।

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