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बुधवार, 10 अक्तूबर 2018

विकास ने पायलट बन पूरा किया वायदा, मां-बाप सहित गांव के बुजुर्गों को कराई पहली हवाई यात्रा

विकास ने पायलट बन पूरा किया वायदा, मां-बाप सहित गांव के बुजुर्गों को कराई पहली हवाई यात्रा

किसी इंसान से किसी चीज का वादा करना बहुत आसान है लेकिन उस वादे को निभा पाना उतना ही मुश्किल। मगर दुनिया में आज भी कुछ ऐसे शख्स मौजूद हैं जो वादों को निभाने से नहीं चूकते। ऐसे ही एक शख्स का नाम है विकास जयानी। वह हरियाणा के हिसार जिले के सारंगपुर गांव के रहने वाले हैं। विकास ने गांव के बुजुर्गों को वायदा किया था कि अगर उसकी पायलट की नौकरी लगती है तो वह गांव के बुजुर्गों को उपने खर्चे पर हवाई सफर करवाएगा। उन्होंने अपने बुजुर्गों की दिली ख्वाहिश को पायलट बनने के बाद पूरा किया।

पायलट बनने के बाद विकास जयानी जब अपने गांव वापस लौटे तो उन्होंने नई दिल्ली से अमृतसर के बीच अपने गांव के 70 साल से ऊपर के लोगों के लिए हवाई यात्रा का इंतजाम किया। बुजुर्गों ने स्वर्ण मंदिर, वाघा सीमा और जलियांवाला बाग का दौरा किया। इन यात्रियों में 90 साल की बिमला, 80 साल के अमर सिंह, 78 साल के राममूर्ति और कंकारी, 75 साल की गिरादवारी देवी, सुर्जराम और खेमाराम और 72 साल के आत्माराम. जगदीश, सतपाल और इंद्रा शामिल थे। 

विकास ने पायलट बन पूरा किया वायदा, मां-बाप सहित गांव के बुजुर्गों को कराई पहली हवाई यात्रा

हवाई यात्रा पूरी करने के बाद बुजुर्गों ने कहा उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे हवाई यात्रा करेंगे। यात्रियों का कहना था कि विकास को पूरा विश्वास था कि एक दिन वह पायलट बनेगा। 90 साल की बिमला ने कहा कि मैंने हवाई जहाज के सफर के लिए कभी सपने में भी नहीं सोचा था। उन्होंने बताया कि कई लोगों ने हवाई यात्रा का वादा किया लेकिन इसे विकास ने ही निभाया। वहीं 78 साल के राममूर्ति और कांकरी देवी ने कहा कि उन्होंने पहली बार हवाई यात्रा की है, हवाई यात्रा उनकी जिंदगी का सबसे सुखद अनुभव रहा है। उन्होंने साथ में यात्रा करने वाले अन्य लोगों की भी प्रशंसा की, जिन्होंने यात्रा के दौरान बुजुर्गों की मदद की। 

विकास ने पायलट बन पूरा किया वायदा, मां-बाप सहित गांव के बुजुर्गों को कराई पहली हवाई यात्रा

विकास के पिता महेंद्र जयानी एक बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक हैं। उन्होंने कहा कि बेटे ने जो काम किया है, वह किसी पुण्य से कम नहीं है। यह यात्रा किसी तीर्थयात्रा से कम नहीं थी। उन्होंने कहा कि विकास हमेशा से ही बुजुर्गों का सम्मान करता है और यह उसका सपना था। उसने अपने इस सपने को पूरा करके दिखा दिया है। विकास ने हमारे देश के युवाओं के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपने बेटे पर गर्व करते हुए उन्होंने कहा कि सभी युवाओं को उनके बेटे के नक्शेकदम पर चलना चाहिए।

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