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बुधवार, 24 अप्रैल 2019

अभिनेता अक्षय कुमार के साथ PM मोदी का पहला गैर-राजनीतिक इंटरव्यू, पढ़ें पूरा इंटरव्यू

अभिनेता अक्षय कुमार के साथ PM मोदी का पहला गैर-राजनीतिक इंटरव्यू, पढ़ें पूरा इंटरव्यू

अभिनेता अक्षय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बुधवार को ‘‘निष्पक्ष और पूरी तरह से गैर राजनीतिक’’ बातचीत की। प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बातचीत में अक्षय कुमार ने पीएम मोदी की जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इस बातचीत में अपने परिवार, खान-पान और हंसी-मजाक से जुड़े किस्से साझा किए।

अक्षय ने प्रधानमंत्री मोदी से और भी कई सवाल किए। जो कुछ इस तरह हैं। 

अक्षय कुमार: एक बार मेरे ड्राइवर की बेटी से मैंने पूछा कि मोदी जी मिलें तो क्या सवाल करोगी? उसने कहा- क्या हमारे प्रधानमंत्री आम खाते हैं, खाते हैं तो कैसे, काटकर या गुठली के साथ?
पीएम मोदी: आम खाता हूं। यह मुझे पसंद भी है। गुजरात में आम रस की परंपरा है। छोटा था तो आम-वाम खरीदना, उस तरह की हमारी फैमिली लक्जरी तो थी नहीं। बचपन में पेड़ से पके आम तोड़कर खाना पसंद था। बाद में आम रस खाने की आदत लगी। लेकिन अब मुझे कंट्रोल करना पड़ता है कि खाऊं या नहीं। 

अक्षय कुमार: कभी सोचा था कि प्रधानमंत्री बनेंगे? यह विचार कब आया?
पीएम मोदी:  मेरे मन में कभी प्रधानमंत्री बनने का विचार नहीं आया और सामान्य लोगों के मन में ये विचार आता भी नहीं हैं और मेरा जो फैमिली बैकग्राउंड हैं उसमें मुझे कोई छोटी नौकरी मिल जाती तो मेरी मां उसी में पूरे गांव को गुड़ खिला देती। उन्होंने कहा कि मैं सेना में जाना चाहता था। बचपन में मेरा स्वाभाव था किताबें पढ़ना, बड़े बड़े लोगों का जीवन पढ़ता था। कभी फ़ौज वाले निकलते थे तो बच्चों की तरह खड़ा होकर उन्हें सैल्यूट करता था।

अक्षय कुमार: आप संन्यासी बनना चाहते थे? सेना में जाना चाहते थे।
पीएम मोदी: 1962 की लड़ाई के दौरान मेहसाणा स्टेशन पर जब जवान जाते थे तो मैं भी चला जाता था। मन को खुशी होती थी। गुजरात में सैनिक स्कूल के बारे में जानना और उसमें भर्ती होने की मेरी इच्छा थी। हमारे मोहल्ले में एक प्रिंसिपल रहते थे। मैं उनके पास चला गया। मैं कभी भी बड़े आदमी से मिलने से पहरेज नहीं करता था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं पीएम बनूंगा। 

अक्षय कुमार: क्या हमारे प्रधानमंत्री को गुस्सा आता है? आता है तो किस पर और कैसे निकालते हैं?
पीएम मोदी: राजी-नाराजगी यह स्वभाव के हिस्से हैं। हर प्रकार की चीज सब में होती है। आपके स्वभाव में ईश्वर ने दिया है आपको तय करना है। मैं इतने दिन तक मुख्यमंत्री रहा, इतने दिन प्रधानमंत्री रहा, किसी चपरासी से लेकर चीफ सेक्रेटरी तक पर गुस्सा करने का अवसर नहीं मिला। कोई मेरे लिए कुछ लाया तो मैं तो खुद हेल्पिंग हैंड के रूप में खड़ा हो जाता हूं। मैं लोगों से सीखता भी हूं और सिखाता भी हूं। मेरे अंदर गुस्सा होता होगा, लेकिन मैं व्यक्त करने से खुद को रोक लेता हूं। ऐसी कोई घटना जो मुझे पसंद नहीं आती तो मैं घर जाकर कागज पर पूरी घटना का वर्णन करता और फिर मैं वो कागज फाड़कर फेंक देता हूं, तब भी सुकून नहीं मिलता तो फिर लिखता हूं और ऐसा तीन-चार बार करता हूं तब मुझे ये एहसास हो जाता है कि गलती किसकी थी।

अक्षय कुमार: आप मां के साथ नहीं रहना चाहते?
पीएम मोदी: मैं पीएम बनकर घर से निकला होता तो लगता कि सब मेरे साथ रहें। लेकिन मैंने बहुत छोटी उम्र में वह सब छोड़ दिया। मैं घर छोड़कर निकल गया तो मेरी ट्रेनिंग वैसी हुई। लेकिन मां कहती थी, क्यों अपना समय खराब करते हो। जितने दिन मां रही, मैं अपने शेड्यूल में ही लगा रहता था। रात को 12 बजे आता तो मां को दुख होता कि ये क्या कर रहा है। अगर मैं प्रधानमंत्री बनकर घर से निकला होता, तो मेरा मन रहता की सब वहीं रहे, लेकिन मैंने बहुत छोटी उम्र में घर छोड़ दिया था और इसलिए लगाव, मोहमाया सब मेरी ट्रेनिंग के कारण छूट गया, लेकिन हाल ही में मैंने अपनी मां को बुलाया और उनके साथ कुछ समय बिताया। मेरी मां ने कहा कि मेरे पीछे क्यों वक्त बर्बाद करते हो। मैं भी उन्हें समय नहीं दे पाता था। अपने कामों में व्यस्त रहता था। 

अक्षय कुमार: आपकी छवि बहुत कठोर प्रशासक की है?
पीएम मोदी: ये छवि सही नहीं है। काम का अनुशासन मैं अपने जीवन में खुद लेकर आया। मैं सख्त हूं, अनुशासित हूं लेकिन कभी किसी को नीचा दिखाने का काम नहीं करता। अक्सर कोशिश करता हूं कि किसी काम को कहा तो उसमें खुद इन्वॉल्व हो जाऊं। सीखता हूं और सिखाता भी हूं और टीम बनाता चला जाता हूं। मैंने पीएम वाली छवि नहीं बनाई। दोस्ताना व्यवहार रखता हूं। कई बार अफसर झिझकते हैं तो मैं चुटकले भी सुनाता हूं।

अक्षय कुमार: क्या विपक्ष में आपके दोस्त हैं?
पीएम मोदी: मैं विपक्ष के साथ खाना खाता हूं। मैं एक दिन संसद गया तो वहां गुलाम नबी आजाद से मिला और बातें की। इस पर मीडिया ने सवाल पूछा तो गुलाम नबी आजाद ने हम एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस बात की जिक्र करूंगा तो मुझे चुनाव में नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि ममता दीदी साल में एक दो कुर्ते और बंगाली मिठाई भेज देती हैं। 

अक्षय कुमार: आपको कौन सा खेल पंसद है? 
पीएम मोदी: मैं बचपन से संघ की शाखा में जाता था। वहां शाखा में वैज्ञानिक खेल खेले जाते हैं। मैं कहना चाहूंगा कि खेल अकेले नहीं बल्कि समूह में खेलना चाहिए। इसमें आपको लीड करने का मौका मिलता है। अक्षय कुमार ने पीएम मोदी से पूछा कि अपने गिल्ली डंडा खेला है तो उन्होंने कहा हां खेला है।

अक्षय कुमार: जब आप मुख्यमंत्री थे तब मिला था तब मैंने आपको एक-दो चुटकुले सुनाए थे। क्या पीएम बनने के बाद भी आपका वैसा ही ह्यूमर है? आपकी छवि बेहद स्ट्रिक्ट नजर आती है।
पीएम मोदी: मेरी यह छवि गलत तरीके से पेश की गई है। ऑफिस जाता हूं, तो खुद काम करता हूं तो दूसरों को भी लगता है कि ये करते हैं तो हमें भी करना चाहिए। कई बार रात 11 बजे फोन करके पूछता हूं कि फलां काम हुआ कि नहीं। मैं काम के वक्त काम करता हूं। इधर-उधर की बात में वक्त बर्बाद नहीं करता। मेरी मीटिंग में कोई मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता। मेरा फोन भी नहीं आता। जहां तक ह्यूमर का सवाल है। मेरे परिवार में पिताजी कभी नाराज हों तो मैं एक-दो मिनट में ही माहौल को हल्का कर देता था। 

अक्षय कुमार: सुना है आपने अपनी जमा पूंजी के 21 लाख रुपए भी बच्चियों के लिए दान कर दिए थे? सुना है गुजराती पैसों के लिए बहुत सही रहते हैं, लेकिन आपने अपने पैसे दे दिए, प्लॉट दे दिया? आपको एक चुटकुला सुनाता हूं। एक गुजराती बुजुर्ग आदमी मर रहा होता है। तो पूछता है मेरा लड़का कहां है? बेटा कहता है- मैं यहां हूं। बुजुर्ग पूछता है- मेरी बेटी कहां है? वह कहती है- मैं यहां हूं। मेरी बीवी कहां है? वह कहती है- मैं यहां हूं। तो बुजुर्ग कहता है- फिर दुकान पर कौन है?
पीएम मोदी: एक मैं भी सुना दूं। एक बार ट्रेन में ऊपर की बर्थ पर कोई पैसेंजर सोया था। स्टेशन आया तो खिड़की से बाहर झांक कर जाते हुए व्यक्ति से पूछा- कौन सा स्टेशन आया? उसने कहा चार आना दोगे तो बताऊंगा। इस पर यात्री ने कहा- रहने दे, अहमदाबाद आया होगा। मैंने अपने सेक्रेटरी की बच्चियों की मदद के लिए गुजरात सरकार को 21 लाख रुपए दिए। सरकार की तरफ से विधायक को कम पैसे में प्लॉट मिलता है। मैंने वह भी पार्टी को ले लेने के लिए कहा।

अक्षय कुमार: आपको अगर अलादीन का चिराग मिल जाए तो क्या करेंगे?
पीएम मोदी: मैं तो मांगूंगा कि जितने भी समाजशास्त्री हैं उनके दिमाग में भर दे कि वे बच्चों को अलादीन वाली कहानी सुनाना बंद कर दें। बच्चों को मेहनत करना सिखाएं।

अक्षय कुमार: आपका रिटायरमेंट प्लान क्या है?
पीएम मोदी: जिम्मेवारी ही मेरी जिंदगी है, मुझे परवाह नहीं होती है कि मुझे अपने को एंगेज करने के लिए कुछ करना पड़ेगा। मैं शरीर का कण कण और जीवन का पल पल किसी ना किसी मिशन पर ही खपाऊंगा।

अक्षय कुमार: सीएम से पीएम बने तो इस घर में सबसे वैल्युएबल चीज क्या लाए थे?
पीएम मोदी: शायद इससे पहले दूसरे प्रधानमंत्रियों को यह लाभ नहीं मिला जो मुझे मिला। वह यह है कि मैं लंबे समय तक मुख्यमंत्री बनकर आया। मैं गुजरात का सबसे लंबा समय तक रहा मुख्यमंत्री था। यह तजुर्बा शायद किसी को नहीं मिला। देवेगौड़ा साहब मुख्यमंत्री रहे थे, लेकिन कम समय के लिए। मैं मान सकता हूं कि यह चीज मैं वहां से लेकर आया जो देश के काम आ रही है। 

अक्षय कुमार: आप साढ़े तीन घंटे ही सोते हैं। इतना कम क्यों?
पीएम मोदी: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी मुझसे मिले तो यही कहा- आप ऐसा क्यों करते हैं? लेकिन मैं कहता हूं कि कम समय में भी मेरी नींद पूरी हो जाती है।

अक्षय कुमार: अगर आपको कभी जुकाम लगता है तो आप क्या करते हैं?
पीएम मोदी: बहुत साल पहले मैं कैलाश यात्रा पर पैदल गया था। सब दर्द से परेशान थे, मुझे कुछ नहीं हुआ. मुझे आयुर्वेद पर विश्वास है। जुकाम होने पर सरसों का तेल गर्म करके नाक में डाल देता हूं। ठीक हो जाता है।

अक्षय कुमार: आपका फैशन आपने खुद ने किया है या आपको किसी ने सुझाया है?
पीएम मोदी: मेरे कपड़ों को लेकर दुनिया ने अलग छवि बनाई है। मैं सीएम बना तब तक कपड़े खुद धोता था। लंबी बांह वाले कुर्ते धोने में समय लगता है, यह बैग में जगह भी लेते। इसलिए मैंने आधी बाजू के कुर्ते पहनना शुरू कर दिया। मुझे शुरू से अच्छी तरह से कपड़े पहनने का शौक रहा। मैं बर्तन में गर्म कोयला भरकर के कपड़ों को प्रेस करके पहनता था। मेरे मामा मेरे लिए कैनवास के जूते लाए वो गंदे हो जाते थे फिर मैं उन्हें ब्लैक बोर्ड पर लिखने वाले चाक से चमकाता था। 

अक्षय कुमार: उल्टी घड़ी पहनने के पीछे का क्या कारण है?
पीएम मोदी: ये मैं इसलिए पहनता हूं ताकि समय देखूं तो किसी को पता ना चले, कहीं उसे बुरा ना लग जाए। मैं मीटिंग में होता हूं, समय देखते वक्त किसी को पता ना चले इसके लिए चोरी छिपे समय देख लेता हूं।

अक्षय कुमार: क्या आप अपने वेतन में से कुछ अपनी माता जी को भेजते हैं?
पीएम मोदी: मेरी मां आज भी मेरे हाथ पर कुछ ना कुछ रख देती है, मां मुझे आज भी एक सवा रुपया देतीं हैं। मेरी मां को कोई जरूरत नहीं है मुझसे कुछ लेने की। सीएम रहते हुए भी मेरे परिवार ने कोई बेनिफिट नहीं लिया।

अक्षय कुमार: आपने बचपन में कौन सा खेल खेला है?
पीएम मोदी: मुझे टीम गेम पसंद है, ये आपके व्यक्तित्व को अलग से डेवलप करता है। टीम वाले खेल जिंदगी जीना सिखाते हैं। हम सभी को ग्रुप वाले खेल खेलना चाहिए। मैंने गुल्ली डंडा भी खेला। ज्यादातर मैं तैरने के लिए चला जाता था। पहले तालाब में ही पानी आता था, मैं कपड़े धोने वहां जाता था.।मेरा बॉडी डेवलप्मेंट स्वीमिंग से हुआ है। 

अक्षय कुमार: क्या मेरे पीएम यूएन में अपनी पहली स्पीच के समय नर्वस थे?
पीएम मोदी: यूएन में स्पीच से पहले मैं नर्वस बिल्कुल नहीं था। मेरी बातों के आधार पर भाषण लिखा गया था। 

अक्षय कुमार: क्या फिल्म देखते हैं? कौन सी फिल्म आखिरी देखी?
पीएम मोदी: जब सीएम था तब अमिताभ बच्चन के साथ 'पा' फिल्म देखी। सीएम था तभी अनुपम जी के साथ आतंकवाद पर बनी फिल्म  'A Wednesday' देखी। मैंने पीएम बनने के बाद कोई फिल्म नहीं देखी। मैंने स्वच्छता अभियान पर बनी फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' देखने के लिए काफी लोगों को कहा। लेकिन मैं खुद ये फिल्म देख नहीं पाया। इस फिल्म की कई लोगों से तारीफ भी सुनी।

अक्षय कुमार: क्या आप सोशल मीडिया पर एक्टिव तो रहते हैं, क्या देखते हैं कि आपके बारे में क्या लिखा जा रहा है? 
पीएम मोदी:  मैं सोशल मीडिया जरूर देखता हूं इससे मुझे बाहर क्या चल रहा है इसकी जानकारी मिलती है। मैं आपका भी और टविंकल खन्ना जी का भी ट्विटर देखता हूं और जिस तरह वो मुझ पर गुस्सा निकालती हैं तो मैं समझता हूं कि इससे आपके परिवार में बहुत शांति रहती होगी।

अक्षय कुमार: आप में और मुझमें एक समानता है, आप चाय बेचते थे और मैं वेटर था, हम दोनों का कोई गॉडफादर नहीं था।
पीएम मोदी: जब मैं चाय बेचता था तो मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मैं जब चाय बेचता था तो मेरे गांव में ट्रेन तो बहुत कम आती थी लेकिन मालगाड़ी ज्यादा आती थी। मालगाड़ी में दूधवाले होते थे उनसे बातें करते करते मैं हिंदी सीख गया। शाम को वो भजन करते थे, उन्होंने मुझसे नॉर्थ इंडिया के कल्चर से मिलवा दिया।

पीएम मोदी का पूरा इंटरव्यू देखें यहां- 


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