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बुधवार, 30 सितंबर 2020

आगामी महाकुम्भ को लेकर अभी से कार्ययोजना बनाते हुए की जाए तैयारी: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यहां अपने सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से प्रयागराज मण्डल के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से संवाद किया और निर्माण कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में फीडबैक लिया। 

जनवरी में आयोजित होने वाले माघ मेले के लिए अभी से तैयार की जाए कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज स्मार्ट सिटी के कार्यों की प्रगति की सराहना करते हुए शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्मार्ट सिटी, अमृत योजना एवं नमामि गंगे योजना के कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल, सीवरेज, सेप्टेज प्रबन्धन के सम्बन्ध में समयबद्ध ढंग से कार्य योजना बनाते हुए इन योजनाओं को पूर्ण किया जाए। आगामी 2024-2025 के महाकुम्भ को दृष्टिगत रखते हुए कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। जहां अमृत योजना के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। सीवर के कनेक्शन युद्धस्तर पर किए जाएं। इसी प्रकार पेयजल योजनाओं के कनेक्शन भी उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराए जाने के निर्देश भी दिए।
    
कौशाम्बी, श्रृंग्वेरपुर, प्रतापगढ़ में भी पर्यटन सम्भावनाओं पर हो काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज मण्डल में पर्यटन विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। प्रयागराज कुम्भ ने पर्यटन विकास को नया आयाम दिया। प्रयागराज के साथ कौशाम्बी, श्रृंग्वेरपुर, प्रतापगढ़ में पर्यटन सम्भावनाओं के सम्बन्ध में कार्ययोजना बनाते हुए कार्यवाही की जाए। स्थानीय स्तर पर पर्यटन महत्व के स्थलों को विकसित किया जाए। आगामी महाकुम्भ के दृष्टिगत अभी से कार्ययोजना बनाते हुए तैयारी की जाए। आगामी जनवरी माह में आयोजित होने वाले माघ मेले के लिए भी कार्ययोजना अभी से तैयार की जाए। कोविड-19 के तहत इसे कैसे संचालित किया जाना है, इस सम्बन्ध में कार्ययोजना बनाकर शासन को अवगत कराया जाए।

अधिक से अधिक संख्या में हो जीएसटी पंजीकरण 
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन की सम्भावनाओं के दृष्टिगत त्वरित निर्णय लेते हुए कार्रवाई की जाए। खनन की कार्यवाही पारदर्शितापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से करने पर राजस्व में वृद्धि होगी। उन्होंने राजस्व संग्रह बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जीएसटी के तहत पंजीकरण अधिक से अधिक संख्या में हो। रिटर्न के सम्बन्ध में व्यापारियों को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह की स्थिति के सम्बन्ध में नियमित रूप से समीक्षा की जाए।

यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जारी करने से पहले किया जाए भौतिक सत्यापन 
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं का समयबद्ध ढंग से समय पर पूर्ण होना और गुणवत्तापरक होना आवश्यक है। इससे जनता को इन योजनाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्रेषित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे समय पर धनराशि निर्गत होगी। उन्होंने कहा कि यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्रेषित करने से पूर्व, योजनाओं की प्रगति का भौतिक सत्यापन किया जाए।

धान खरीद में न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम धनराशि न मिले किसान को 
मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 अक्टूबर, 2020 से धान क्रय केन्द्रों को संचालित किया जाना है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त क्रय केन्द्रों को स्थापित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम धनराशि किसान को न मिले। उन्होंने कहा कि गांवों में ग्राम सचिवालय का निर्माण हो रहा है। यहां विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। इससे रोजगार की सम्भावनाएं भी बढ़ेंगी। ग्राम सचिवालय के लिए स्थान चिन्हित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालय का निर्माण व्यापक जनहित के दृष्टिगत किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए।

कृषि की आधारभूत संरचना के लिए बनायी जाए कार्य योजना 
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के आर्थिक पैकेज के तहत एक लाख करोड़ रुपये की धनराशि कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए है। कृषि की आधारभूत संरचना के लिए कार्य योजना बनायी जाए। एफपीओ का गठन हो। भण्डारण गृहों तथा कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाए। इनसे कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों को व्यापक लाभ होगा। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत ओडीओपी तथा एमएसएमई के तहत ऋण की अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं। लोन मेले आयोजित हों।
    
पेयजल योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध पेयजल बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक है। आर्सेनिक व फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों के लिए सम्बन्धित जिलाधिकारी कार्ययोजना तैयार कर उसे तत्काल लागू करें। बुन्देलखण्ड तथा विन्ध्य क्षेत्र में शासन द्वारा पेयजल के सम्बन्ध में कार्ययोजना लागू की गई है। पेयजल योजनाओं की समीक्षा की जाए। इन्हें सस्टेनेबल बनाने के लिए ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय करते हुए निर्णय किए जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी सम्बन्धित विभागों को वर्षा के बाद सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत व नवनिर्माण की कार्यवाही भी प्राथमिकता के आधार पर की जाए। इनमें गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। विद्युत विभाग रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे। ट्रांसफार्मर को समय से बदला जाए। मीटर जम्पिंग न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

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