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शनिवार, 3 अक्तूबर 2020

हाथरस टेप लीक मामले में सवाल पूछने पर इंडिया टुडे कर रहा यूजर्स को ब्लॉक: लोगों ने शेयर किए स्क्रीनशॉट

इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री

ऑपइंडिया द्वारा हाथरस केस में इंडिया टुडे की पत्रकार के टेप का खुलासा करने के बाद अब सोशल मीडिया यूजर्स इंडिया टुडे से सवाल पूछ रहे हैं। इस टेप में इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई संदीप से बातचीत कर रही थीं। वो संदीप से ऐसा स्टेटमेंट देने के लिए बोल रही थीं, जिसमें मृतका के पिता आरोप लगाए कि उनके ऊपर प्रशासन की ओर से बहुत दबाव था।

बाद में चैनल की तरफ से एक बयान जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि टेप प्रामाणिक था। इसके बाद, नेटिज़न्स ने उनकी पत्रकारिता की नैतिकता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इंडिया टुडे ने सवाल करने वाले ट्विटर यूजर्स को ब्लॉक करना शुरू कर दिया।

एक ट्विटर यूजर (@BefittingFacts) ने इंडिया टुडे द्वारा ब्लॉक किए जाने का स्क्रीनशॉट शेयर किया। यूजर ने मीडिया हाउस को उनके पत्रकार द्वारा पीड़िता के भाई को फोन पर काल्पनिक कहानी बनाने पर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि एक सच्चे पत्रकार को कॉल टैपिंग से कभी डर नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकार “लीक” से डरता है तो इसका मतलब है कि वह कुछ छिपा रहा है या नहीं चाहता कि सच्चाई सामने आए।

ट्विटर यूजर के अनुसार, इंडिया टुडे के हिप्पोक्रेसी को उजागर करने के बाद उन्हें ब्लॉक किया गया। उन्होंने सवाल किया था कि उनके फोन टैप किए जाने के बाद टेप को किस कानून के तहत लीक किया गया था, जबकि इससे पहले, इसी चैनल ने सुशांत सिंह राजपूत और उनके वेल्थ मैनेजरों के बीच बातचीत की रिपोर्टिंग की थी।

इंडिया टुडे उस घमंडी बच्चे की तरह व्यवहार करने लगता है, जो झूठ पकड़े जाने पर नखरे करने लगता है। कई लोगों ने यह भी शेयर किया कि हाथरस टेप पर चैनल से सवाल करने के बाद इंडिया टुडे ने कैसे उन्हें ब्लॉक कर दिया।

इंडिया टुडे हाथरस टेप की प्रामाणिकता को स्वीकार करता है

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर ‘इंडिया टुडे’ की पत्रकार तनुश्री पांडेय और हाथरस मामले की मृतका के भाई संदीप के बीच हुई बातचीत के लीक हुए फ़ोन ऑडियो के विषय में चैनल ने पूछा था कि सबसे पहला सवाल तो ये है कि हाथरस मामले को कवर कर रहीं उसके पत्रकार का फोन टैप क्यों किया जा रहा है? चैनल ने आशंका जताई थी कि अगर मृतका के शोक-संतप्त परिजनों का फोन सर्विलांस पर है या टैप किया जा रहा है तो इसके लिए सरकार को जवाब देना पड़ेगा।

अपनी किरकिरी होने के बाद चैनल ने बयान जारी करते हुए कहा था कि जिस टेलीफोन कॉल को ‘अवैध तरीके से’ लीक कर दिया गया, उसमें उसकी पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई से ‘दृढ़ता से’ कह रही हैं कि वो पीड़ित पिता का वीडियो शूट करें और उन्हें भेजें। चैनल ने दावा किया है कि इस ऑडियो को बदनीयत से लीक किया गया है। 

अपनी सफाई में चैनल ने आगे कहा था, “मृतका के पीड़ित परिजनों को सरकार द्वारा मिल रही धमकियों और दबाव के बीच अपनी आवाज़ उठाने के लिए तैयार करना उसी प्रक्रिया का एक भाग है, जो एक पत्रकार को करना ही चाहिए। ‘इंडिया टुडे’ चैनल इस मामले में अपने पत्रकार के साथ खड़ा है। हम यूपी सरकार से भी माँग करते हैं कि सारे प्रतिबन्ध हटाए जाएँ और और बिना ‘डर या एहसान’ के पत्रकारों को हाथरस मामले की ग्राउंड रिपोर्टिंग करने दिया जाए।”


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