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मंगलवार, 6 अक्तूबर 2020

‘न्याय’ माँग रहे कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ठहाके लगाते दिखे ‘दलित नेता’ उदित राज, वीडियो वायरल

पीड़ित परिवार के घर पर उदित राज

कॉन्ग्रेस नेता लगातार हाथरस मामले को जातीय कोण देकर प्रदेश में राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। एक ओर जहाँ एक वंचित समाज की बेटी ने कथित तौर पर कुछ ‘सवर्णों’ के कारण अपनी जान गवाई है, वहीं कॉन्ग्रेसी राजनेताओं के लिए उसका घर अब पिकनिक स्पॉट बन गया है।

कुछ दिन पहले हमने हाथरस की तरफ कूच कर रहे राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा को वीडियो में हँसते हुए व लॉन्ग ड्राइव का आनंद उठाते देखा था। अब सोमवार (अक्टूबर 05, 2020) को यही दृश्य दलित नेता उदित राज के पहुँचने पर देखने को मिला।

हालाँकि, उदित राज को पहले यूपी गेट के पास गाजियाबाद पुलिस ने रोका क्योंकि उनके पास वहाँ जाने की अनुमति नहीं थी। मगर, उन्होंने दावा किया कि उन्होंने जिला प्रशासन और हाथरस एसपी व आगरा डीजीपी से अनुमिति ले ली है। इसके बाद उन्होंने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिसकी बाद में वीडियो भी वायरल हुई। 

वीडियो में देख सकते हैं कि ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाते हुए प्रदर्शन पर बैठे कॉन्ग्रेसी नेता किस तरह ठहाके लगा रहे हैं। वहीं, उदित राज कॉन्ग्रेस की महिला समर्थक से हँसी-मजाक भी कर रहे हैं।

वीडियो में स्पष्ट देख सकते हैं कि पहले उदित राज महिला के कंधे पर हाथ रखकर उनके कान में कुछ फुसफुसाते हैं और उसके बाद सब मिल कर हँसने लगते हैं। गौर करने वाली बात है कि ऐसा दृश्य उस प्रदर्शन में देखने को मिलता है जहाँ कहने को एक मृत लड़की के लिए इंसाफ की माँग की जा रही हो।

बता दें कि इस वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उदित राज की बहुत आलोचना हो रही है। उन्हें उनके असंवेदनशील बर्ताव के लिए सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। उनसे सवाल पूछा जा रहा है कि क्या वह पिकनिक पर आए हैं।

उल्लेखनीय है कि हाथरस मामले के तूल पकड़ने के बाद से जिला मजिस्ट्रेट ने इलाके में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई हुई है। इसमें 5 लोगों से ज्यादा को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है।

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि उदित राज हाथरस में एक रैली निकालना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया। हालाँकि 6 वाहनों के साथ उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दे दी गई।

जब उदित राज लड़की के घर पहुँचे तो उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों को गले लगाया। उन्होंने फोटो खिंचवाते हुए दावा किया कि वह मृतक लड़की के परिवार के साथ खड़े हैं, मगर जैसे ही फोटो खिंच गई वो फौरन लड़की के पिता के बगल से हट गए।

उन्होंने पीड़ित परिवार से मिलते हुए कोई कोरोना में जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि परिवार से मिल कर उन्होंने अपनी संवेदना व्यक्त की है और दावा किया कि वह अन्याय के ख़िलाफ़ लड़ेंगे।

याद दिला दें कि इससे पहले वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को भी संवेदनहीनता के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। लोगों ने उनकी वीडियो शेयर करके ध्यान आकर्षित करवाया था कि कैसे पीड़ितों से मिलने जाते वक्त दोनों भाई-बहन हँस रहे हैं।

गौरतलब है कि हाथरस मामले में पीड़िता की मौत के बाद से तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। शुरू में पीड़िता के घरवालों ने कहा था कि उसका रेप हुआ है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि रेप की बात गलत है। बाद में, स्थानीय पुलिस में परिवार द्वारा दर्ज किए गए प्रारंभिक बयान और पुलिस रिपोर्टें सामने आईं, जिसमें किसी भी बलात्कार या यौन हमले का उल्लेख नहीं किया गया था। जिससे पूरी घटना में सामने आए बयानों पर संदेह पैदा हो गया। इसके बाद आरोपितों की जाति को आधार बनाकर विपक्ष ने योगी सरकार पर निशाना साधा और पूरे मामले का राजनीतिकरण करने में जुट गए। ज्ञात हो कि इस केस में पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।



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