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मंगलवार, 6 अक्तूबर 2020

राहुल-प्रियंका के ठहाके वाले वीडियो के बचाव में इंडिया टुडे ने फर्जी ‘फैक्ट चेक’ कर की क्लीन चिट देने की कोशिश

राहुल गाँधी-प्रियंका गाँधी

हाथरस मामले पर हो रही राजनीति के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को कार से हाथरस जाते हुए देखा जा सकता है, जहाँ वह कथित तौर पर पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए जा रहे थे। वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता के ठहाके की आवाज सुनाई देती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो की काफी आलोचना की गई, जो कि इंडिया टुडे को रास नहीं आया और मीडिया चैनल ने इसका ‘फैक्ट-चेक’ कर डाला। मीडिया चैनल ने दावा किया कि वीडियो को बहुत सारे कॉन्ग्रेसी नेताओं ने ठहाके वाली आवाज के साथ शेयर किया। India Today ने इस बात से इनकार नहीं किया कि राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा, दोनों ही कार में सबसे आगे बैठे हैं, लेकिन उनका कहना है कि चूँकि दोनों के चेहरे नहीं दिख रहे थे इसलिए यह नहीं बताया जा सकता है कि कौन हँस रहा है।

वीडियो को कॉन्ग्रेस पार्टी एनएसयूआई के छात्रसंघ के ट्विटर प्रोफाइल से ठहाके वाली आवाज के साथ शेयर किया गया था।

वीडियो को भारतीय युवा कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रतिभा रघुवंशी ने भी शेयर किया।

अन्य कॉन्ग्रेसी नेताओं ने इस वीडियो का छोटा सा हिस्सा शेयर किया, जिसमें ठहाके की आवाज सुनाई नहीं दे रही है।

हालाँकि इंडिया टुडे वायरल हुए वीडियो का बिना ठहाके वाला वर्जन प्रस्तुत नहीं कर सका। कुछ कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा शेयर किया वीडियो एडिटेड है। यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से छोटा है। इसमें ठहाके वाली आवााज वाला हिस्सा हटाकर शेयर किया गया है। वायरल वीडियो को ध्यान से सुनने पर साफ पता चलता है कि यह प्रियंका गाँधी और राहुल गाँधी की आवाज है। और जब कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा इसे शेयर किया गया है, तो फिर इसकी प्रमाणिकता पर संदेह करने के लिए शायद ही कुछ बचा हो।

इसके अलावा, गाँधी भाई-बहनों को क्लीन चिट देने के लिए, इंडिया टुडे ने भ्रामक ’फैक्ट-चेक’ किया।

इंडिया टुडे ने 2019 के आम चुनावों से पहले ली गई एक तस्वीर शेयर की, जहाँ गाँधी भाई-बहन मुस्कुरा रहे हैं और कैमरे के लिए पोज दे रहे हैं। इंडिया टुडे ‘फैक्ट-चेक’ करते हुए यह दावा कर रहा है कि ‘ठहाके वाला वीडियो’ ‘भ्रामक’ था। इंडिया टुडे ने दो अलग-अलग घटनाओं को गलत तरीके से इस्तेमाल किया और गाँधी भाई-बहनों को क्लीन चिट देने के लिए शेयर हो रहे ठहाके वाले वीडियो को आसानी से नजरअंदाज कर दिया।



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