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सोमवार, 5 अक्तूबर 2020

कॉन्ग्रेस MLA के 15 ठिकानों पर CBI की रेड, ईसा मसीह की सबसे बड़ी मूर्ति के लिए जमीन दे कर आए थे चर्चा में

डीके शिवकुमार CBI रेड

कर्नाटक में पिछले साल ईसा मसीह की सबसे ऊँची मूर्ति का निर्माण करने के लिए जमीन व निजी कोष से 10.80 लाख रुपए देकर विवादों में आने वाले कॉन्ग्रेस विधायक डीके शिवकुमार के घर में सोमवार (अक्टूबर 5, 2020) को सीबीआई की रेड पड़ी। उन पर भ्रष्टाचार का आरोप है। सीबीआई ने उनके 15 ठिकानों पर रेड मारी।

इन ठिकानों में उनके भाई व सासंद डीके सुरेश का घर भी शामिल है। इसके अलावा उनके पूर्व निवास डोड्डालहल्ली, कनकपुरा और सदाशिव नगर में भी सीबीआई ने रेड मारी। अधिकारियों ने कहा कि इन 15 ठिकानों पर कम से कम 60 अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने छापेमारी सुबह 6 बजे कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र के डोड्डालहल्ली गाँव में स्थित विधायक शिवकुमार के निवास से शुरू की थी। बता दें कि सीबीआई ने कर्नाटक सरकार में मंत्री रहे डीके शिवकुमार और अन्य लोगों के खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति के अधिग्रहण के आरोप में मामला दर्ज किया है और इसी संबंध में सीबीआई की टीम कर्नाटक, दिल्ली और मुंबई के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। 

सीबीआई रेड की सूचना पाते ही पार्टी नेताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, “मोदी और येदियुरप्पा की जोड़ी डराने-धमकाने का खेल अपनी कठपुतली सीबीआई के द्वारा डीके शिवकुमार के यहाँ छापेमारी करवा कर कर रही है, लेकिन ये हमें नहीं रोक सकता है। सीबीआई को येदियुरप्पा सरकार में भ्रष्टाचार की परतों का पता लगाना चाहिए। लेकिन, ‘रेड राज’ उनकी एकमात्र ‘कपटपूर्ण चाल’ है!”

उन्होंने कहा, “मोदी व येदियुरप्पा सरकार और भाजपा के फ्रंटल संगठन यानी सीबीआई-ईडी-इनकम टैक्स को पता है कि इस तरह के कुटिल प्रयासों से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को न तो डराया जा सकता है और न ही झुकाया जा सकता है। हम लोगों के लिए लड़ने का संकल्प लेते हैं।”

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने भी इस सीबीआई छापे की निंदा की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “भाजपा ने हमेशा से ही प्रतिशोधी राजनीति में लिप्त होने और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की है। डीके शिवकुमार के घर पर सीबीआई का हालिया छापा उपचुनावों के लिए हमारी तैयारी को पटरी से उतारने का एक और प्रयास है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूँ।”

गौरतलब है कि पिछले साल कर्नाटक के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस के विधायक डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु से 50 किमी दूर अपने कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र के लोगों को क्रिसमस के तोहफ़े के रूप में ईसा मसीह की सबसे ऊँची प्रतिमा बनाने के लिए 10 एकड़ ज़मीन दी थी। इसकी क़ीमत उन्होंने अपने निजी कोष से 10.80 लाख रुपए देकर चुकाई थी।

इस खबर के आने के बाद येदियुरप्पा सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा स्वीकृत भूमि की फिर से जाँच करने का फ़ैसला किया था। राजस्व मंत्री आर अशोका ने कहा था कि आवंटित भूमि गोमला (चारागाह के तौर पर इस्तेमाल होने वाली सामुदायिक ज़मीन) है, न कि एक बंजर भूमि, जिसका दावा शिवकुमार ने किया था। उन्होंने कहा था, “मैंने रामनगर ज़िले के डिप्टी कमिश्नर को भूमि आवंटन पर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।”

बता दें कि साल 2017 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने डीके शिवकुमार के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। दिल्ली में उनके करीबी के ठिकाने से करीब 8 करोड़ रुपए नकद भी मिले थे। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने चार्जशीट दायर की थी। इस चार्जशीट के आधार पर ईडी ने शिवकुमार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।



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